Friday, 19 August 2011

ट्रेन के आगे कूद युवक युवती ने की खुदकुशी


बरवाला/हिसार. आईटीआई पास 21 साल के एक युवक और 16 साल की लड़की के शव गुरुवार सुबह रेलवे ट्रैक पर मिले। शवों के पास ही टूटे हुए दो मोबाइल और साइकिल पड़ा मिला।

घटना बरवाला के पास गांव दौलतपुर की है। शवों की हालत देख लगता है कि दोनों ने ट्रेन से कटकर खुदकुशी की है। लड़का साहू गांव का संजय और लड़की नया गांव की किरण थी। लड़की की कुछ समय पहले ही सगाई हुई थी। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों के प्रेम संबंध थे।

दौलतपुर स्टेशन के पास ढाणी में रहने वाले एक व्यक्ति ने सुबह करीब सात बजे दोनों के शव देखे और राजकीय रेलवे पुलिस को सूचना दी। वहां मिले मोबाइल सिम के जरिये ही पुलिस ने लड़के की शिनाख्त की। दोनों दलित समुदाय से संबंध रखते थे। मृतक संजय के पिता फूल सिंह ने बताया कि संजय ने टोहाना से आईटीआई पास की थी। 6 महीने से खेती बाड़ी के काम में हाथ बंटाता था।

किरण के पिता रामनिवास का ननिहाल साहू में है। अक्सर किरण साहू आती थी। लेकिन दोनों परिवारों को कभी यह अहसास नहीं हुआ कि दोनों को आपस में प्यार है। फूल सिंह ने बताया कि बुधवार रात करीब 11 बजे तक संजय घर पर था। उसके बाद मैं सोने के लिए चला गया और संजय अपने भाई के साथ छत पर सो गया। सुबह उठ कर देखा तो संजय घर पर नहीं था और साइकिल भी गायब थी। सोचा संजय साइकिल लेकर खेत में गया होगा। सुबह करीब साढ़े सात बजे पुलिस का फोन आया और घटना के बारे में सूचना दी। संजय के परिवार में उसका छोटा भाई और बहन, माता-पिता हैं।

कुछ दिन पहले हुई थी लड़की की सगाई

ग्रामीणों के मुताबिक साहू में ही संजय और किरण की करीब दो साल पहले मुलाकात हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम हो गया। आठवीं पास किरण अपने पिता के साथ बरवाला में कपड़े सिलाई का कार्य करती थी। किरण के घरवालों ने कुछ दिन पहले ही उसकी सगाई की थी। शायद सगाई के चलते दोनों ने ऐसा कदम उठाया है। लड़की के घरवालों का कहना है कि उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता।
source:-bhaskar.com

जाट आरक्षण आंदोलन का फैसला 13 को मय्यड़ रैली में


हिसार. जाट समुदाय को आरक्षण देने की मांग पर गुरुवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने प्रदर्शन किया।

समिति ने अपनी मांगों का ज्ञापन जिला उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, सामाजिक न्याय मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम भेजा है। इससे पहले समिति के सदस्य क्रांतिमान पार्क से होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें पूरी न होने पर 13 सितंबर को मय्यड़ रैली में आंदोलन का फैसला सुनाएंगे।

समिति के प्रदेश महासचिव महेंद्र सिंह पूनिया ने कहा कि जाट समाज सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा हुआ है। उसे पिछड़ी जाति में शामिल किया जाना चाहिए। इसके लिए समाज ने पिछले दिनों संघर्ष किया था और केंद्र व राज्य सरकार ने जाट समाज को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने के लिए छह महीने का समय मांगा था।

उन्होंने कहा कि तीन मई को केंद्र ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का पुनरावलोकन का अधिकार दे दिया था। दूसरी तरफ राज्य आयोग का गठन होने के बाद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्हांेने कहा कि इसके बाद से दोनों सरकारें मौन हैं। जबकि समाज की आरक्षण की मांग जल्द पूरी होनी चाहिए।

समिति के जिला अध्यक्ष दलजीत पंघाल ने कहा कि सरकार द्वारा उनकी मांग को पूरा करने का समय 13 सितंबर को पूरा हो जाएगा। अगर समय रहते उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। इस बार आंदोलन की रणनीति समिति 13 सितंबर को मय्यड़ की रैली में बताएंगे। अगर इससे पहले सरकार कोई प्रतिक्रिया देती है तो समिति इस पर विचार करेगी। महेंद्र भगाणा, राजीव सहरावत, हवासिंह, जोगेंद्र, राजबीर, बलबीर, सूरजभान, कृष्ण पंघाल, सरदारा व अनेक लोग मौजूद थे।
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एटीएम तोड़ने का शातिराना अंदाज लेकिन अपने ही जाल में फंसा बेचारा


हिसार. एक तरफ अन्ना हजारे के समर्थन में सैकड़ों नौजवान सड़कों पर हैं मगर दूसरी तरफ हिसार के एक लड़के ने बुधवार रात एक ही सड़क पर लगे दो एटीएम तोड़ दिए। उसका मकसद रुपए निकलना था। वह पकड़ में तो नहीं आया मगर दोनों मशीनों में लगे सीसीटीवी कैमरों ने उसे कैद कर लिया। दैनिक भास्कर के पास दोनों वारदातों के सीसीटीवी फुटेज हैं।

फुटेज से यह साफ हो गया है कि कैंप रोड स्थित स्टेट बैंक के यह दोनों एटीएम एक ही लड़के ने तोड़े हैं। दोनों केबिनों में वो पूरी तैयारी से गया था। एटीएम में घुसते ही उसने सबसे पहले बल्ब निकालकर अंधेरा कर दिया। इस दौरान उसने छुपने की कोशिश तो की मगर कैमरे के सामने उसका चेहरा आ गया। शायद पहली कोशिश नाकाम होने पर उसने ठीक बगल में दूसरे एटीएम में सेंध मारने की कोशिश की। सेंधमारी के लिए उसने पूरी तैयारी की। इस बात की पुष्टि उसके टार्च से होती है, जो कि सीसीटीवी फुटेज में मौजूद है।

एटीएम एक में प्रवेश

पीली टीशर्ट पहने यह युवक बैंक के एटीएम नंबर एक में ठीक 11 बजकर 48 मिनट पर प्रवेश करता है। वह काली पैंट और चप्पल पहने हुए है और उसके कंधे पर स्पोर्ट्स किट जैसा बैग टंगा हुआ है। उम्र 18 से 21 साल के बीच है। युवक घुसते ही वह एटीएम किनारे से दुबक जाता है। वहीं कोने में वह किट बैग रख देता है।


एटीएम एक का बल्ब उतारा

ठीक 11 बजकर 50 मिनट पर एटीएम मशीन के ठीक ऊपर लगे बल्ब को उतार देता है। 11 बजकर 51 मिनट पर वह एटीएम को तोड़ना शुरू करता है। युवक टार्च लेकर 1 बजकर 5 मिनट तक इसी एटीएम तोड़ने की कोशिश करता है।

एटीएम दो में मुंह पर टीशर्ट रखकर प्रवेश

इसके बाद वह ठीक 1 बजकर 9 मिनट पर एटीएम के दूसरे केबिन में मुंह पर टीशर्ट रखकर प्रवेश करता है। इसके बाद वह सीधे कोने में आकर खड़ा हो जाता है लेकिन यह प्रवेश एटीएम नंबर एक की तुलना में काफी तेजी से और मुंह झुका कर होता है। मुंह पर टीशर्ट होने के कारण युवक चेहरा भी साफ नहीं दिखाई देता।

20 सेकेंड में ही बुझा देता है बल्ब

एटीएम नंबर दो में युवक बमुश्किल से 20 सेकंड में केबिन के अंदर लगे ड्रॉप बॉस के ऊपर पैर रखकर बल्ब बुझा देता है। फिर केबिन में क्या हुआ कुछ नजर नहीं आता है। युवक बार-बार एटीएम के अंदर बाहर आ-जा रहा था। इससे युवक के अकेले होने की संभावना ज्यादा है।

एटीएम की थी पूरी जानकारी

यह अलग बात है कि एटीएम केबिन के बारे में उसे बखूबी जानकारी थी। इस बात की पुष्टि तब होती है जब वह युवक दूसरे एटीएम में मुंह पर कपड़ा लगाकर प्रवेश करता है,जबकि पहले एटीएम में उसने मुंह पर कपड़ा नहीं लगाया होता है। इसका मतलब यह कि एटीएम में लगाए सीसीटीवी के एंगिल की जानकारी थी

Thursday, 18 August 2011

अन्ना नहीं ये आंधी है, देश का दूसरा गांधी है

गुड़गांव. ‘अन्ना नहीं ये आंधी है/ देश का दूसरा गांधी है/।’ अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी जनलोकपाल मुहिम में जनता के अपार समर्थन को देखते हुए तो यह पंक्ति धीरे-धीरे सच साबित होने लगी है। छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्गो तक हर कोई भ्रष्टाचार के विरोध में अन्ना के साथ खड़ा है।

बुधवार सुबह नौ बजे शहर के विभिन्न हिस्सों से हाथों में तिरंगा लिए जनसमूह अन्ना के पक्ष में नारे लगाते हुए मिनी सचिवालय की तरफ कूच किया। और इसके बाद मिनी सचिवालय पर कुछ इस तरह परवान चढ़ा अन्ना अभियान।

सुबह नौ बजे 

सुबह नौ बजे मिनी सचिवालय के बाहर स्वाभिमान ट्रस्ट, भाजपा, विश्व हिंदू परिषद, जिला बार एसोसिएशन द्वारा धरना स्थल बनाया गया। टेंट में माइक की व्यवस्था कर बैनर लगाए गए। कुछ झुंड में खड़े लोग आपस में चर्चा करते हुए धीरे-धीरे टेंट में एकजुट होने लगे।

सुबह साढ़े नौ बजे 

बार एसोसिएशन और स्वाभिमान ट्रस्ट के लोग अन्ना के समर्थन में और केंद्र सरकार के विरुद्घ नारा लगाना शुरू कर दिया। इस समय तक धरना स्थल पर महिलाएं भी जुट गईं। भाषणों और देशभक्ति गीतों का सिलसिला शुरू हो गया।

11 बजे

द्रोणाचार्य कॉलेज के छात्रों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों का दल अन्ना के पक्ष में नारे लगाते हुए एक विशाल जनसमूह में द्रोणाचार्य कॉलेज, डाकखाना चौक, सदर बाजार, राजीव चौक रोड होते हुए मिनी सचिवालय पहुंचा। गर्मजोशी के साथ छात्र और वहां धरने पर बैठे लोग केंद्र सरकार के विरुद्घ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान लोगों से लगातार शांति बनाए रखने और हिंसात्मक कार्य ना करने की अपील की जाने लगी।

11 बजकर 35 मिनट 

इनेलो कार्यकर्ताओं का विशाल जनसैलाब हाथों में तिरंगा थामे मिनी सचिवालय पहुंचे। वहां पर पहले से बैठे लोगों ने इनेलो कार्यकर्ताओं का स्वागत किया।

12 बजे 

सुबह साढ़े नौ बजे करीबन 100 आदमियों से शुरू हुआ धरना-प्रदर्शन में अब लोगों की संख्या करीबन डेढ़ हजार तक पहुंच गई। धीरे-धीरे अन्य जनसमूह शाम चार बजे तक मिनी सचिवालय पहुंचते रहे। देशभक्ति गीतों, भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भाषण का सिलसिला शाम छह बजे तक जारी रहा और फिर यह धरना कैंडल मार्च में बदल गई।

बंद हुआ द्रोणाचार्य कॉलेज 

कॉलेज के छात्रों ने सुबह नौ बजे कॉलेज आते ही पहले पूरे कॉलेज को बंद कराकर सभी युवाओं से अन्ना हजारे की मुहिम में आने की अपील की। उसके बाद जुलूस निकालते हुए मिनी सचिवालय पहुंच गए। प्रदर्शन का नेतृत्व एबीवीपी के अजीत सिंह गुलिया, प्रियव्रत कटारिया, कॉलेज प्रधान पंकज रोहिल्ला, अजेश कटारिया, संदीप कटारिया, अमर कटारिया, चंद्रेश कटारिया, अमित चौहान, विकास यादव कर रहे थे।

विरोध का नया तरीका 

डाकखाना चौक से शुरू हुआ इनेलो के प्रदर्शन का तरीका अलग था। इनेलो कार्यकर्ताओं ने कांग्रेसी नेताओं के फोटो गधों पर सजाए हुए थे। इनेलो के विरोध प्रदर्शन को देखकर सदर बाजार में आए कुछ लोग भी जनसमूह में शामिल हो गए। यह जनसमूह भी मिनी सचिवालय पहुंचा। इसमें गोपीचंद गहलोत, अनिल राव, रमेश दहिया, कृष्ण यादव, सतबीर खटाना, सुशील सहरावत, सुरेंद्र ठाकरान, महेश चौहान, गजे सिंह कबलाना, एमआर शर्मा, दिनेश अग्रवाल, वैभव मल्होत्रा, सुनीता कटारिया आदि शामिल थे।

आईटीएम में भी अन्ना का समर्थन

आईटीएम में भी छात्रों ने अन्ना के पक्ष में जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों का समूह नारे लगाते हुए कॉलेज से अंसल प्लाजा मॉल तक और फिर वहां से कॉलेज तक वापस आया। प्रदर्शन में करीबन 300 छात्र शामिल थे।

source:-bhaskar.com

अन्ना के समर्थन में पूरा शहर सड़कों पर

फरीदाबाद. अन्ना हजारे के समर्थन में बुधवार को पूरा शहर सड़कों पर उतर आया। हर तरफ प्रदर्शन, रैली, जाम और कैंडल मार्च। इंकलाब जिंदाबाद, भ्रष्टाचार की जंग में हम तुम्हारे साथ हैं, देश को भ्रष्टाचार से आजादी दिलानी है जैसे नारों से पूरा दिन शहर गूंजता रहा। ‘अन्ना नहीं ये आंधी है’ के नारे लगाते हुए युवा सड़कों पर निकल पड़े। रैलियों और प्रदर्शनों से जगह-जगह जाम लगा रहा। अन्ना के समर्थकों की गिरफ्तारियां भी हुईं।

सड़कों पर उतरे छात्र 

भारतीय जनता युवा मोर्चा, युवा इनेलो, इनसो, एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने अन्ना के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन कर गिरफ्तारियां दीं। युवाओं का समूह नारेबाजी करते हुए मथुरा रोड तक गया, जहां उन्होंने हाइवे जाम करने की कोशिश की। इसकी सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने युवाओं को शांत करने की कोशिश की, लेकिन उनके गुस्से और जोश के आगे पुलिस की एक न चली। इसके बाद पुलिस ने छात्रों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

छात्र नेता अमर सिंह दलाल ने इस अत्याचार के खिलाफ केंद्रीय गृहमंत्री का इस्तीफा मांगा। मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अनूप चौधरी ने कहा कि सरकार की कार्यप्रणाली असंवैधानिक है। अनिल नरवत ने कहा कि जन लोकपाल को जल्द से जल्द से लागू किया जाए। इस मौके पर इनसो के प्रभारी जगत सौरोत, एबीवीपी के सह-संयोजक, गौरव ठाकुर, अरुण नरवत, सोनू ठाकुर, मोक्ष, मोहित ने कहा कि एबीवीपी के करीब 25 छात्रों ने गिरफ्तारियां दीं।

धरना-प्रदर्शन से जाम 

अन्ना के समर्थन में इनेलो कार्यकर्ताओं ने बादशाह खान चौक पर धरना देकर प्रदर्शन किया। इससे शहर के विभिन्न मार्गो पर जाम लग गया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व युवा इनेलो के जिलाध्यक्ष विकास चौधरी और शहरी अध्यक्ष नगेंद्र भड़ाना कर रहे थे। इनेलो कार्यकर्ताओं ने बादशाह खान चौक से लेकर नीलम चौक तक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते नीलम-बाटा रोड, हार्डवेयर, बीके रोड, रेलवे रोड, बीके केसी रोड पर जाम के हालात बने रहे। प्रदर्शन करने वालों में इनेलो के संजय डागर, अजय भड़ाना, विजयपाल तेवतिया, जीआर भड़ाना, संतोष शर्मा, लखन बेनीवाल, गौरव विरमानी, कमल नरौना, मंजीत धारीवाल, मोहन डागर आदि मौजूद थे।

अनशन पर डटे दुकानदार 

एसजीएम नगर शॉप कीपर वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने पटेल चौक पर अन्ना के जन लोकपाल बिल को लागू कराने के समर्थन में धरने पर बैठे। इनमें एसोसिएशन के चेयरमैन दयाचंद सैनी, संरक्षक अनोख सिंह, प्रधान सुरेंद्र दुग्गल व महासचिव सतीश सांगवान शाम पांच बजे तक अनशन पर बैठे। इसके अलावा धरने पर बैठने वाले कैप्टन सिरोही, सत्येंद्र शर्मा, आरडी व्यास, जयपाल चंदीला, राजीव मिश्रा, अतर सिंह, डॉ. कौशिक, बिजेंद्र शर्मा, मुकेश चौधरी, महेंद्र पाल, किशन सिंह सैनी समेत आम लोग भी धरने पर बैठे। इन्होंने कहा भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना आरपार की जंग छेड़ चुके हैं। इस जंग में देश की जनता उनके साथ है।

वकील बैठे भूख हड़ताल पर 

बार एसोसिएशन की तरफ से बुधवार को अन्ना हजारे के समर्थन में नौ वकील अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। इससे पहले कोर्ट परिसर में वकीलों ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने सशक्त जन लोकपाल को पास करने की मांग की।

भूख हड़ताल पर बैठने वाले वकीलों में एसोसिएशन के पूर्व वरिष्ठ उपप्रधान शिवदत्त वशिष्ठ, सुखराम जाखड़, हमबीर सिंह भड़ाना, आरपी नाहर, राजकुमार भाटी, रमेश शर्मा, भागीरथ शर्मा, शशि मिश्रा, उदयबीर सिंह नागर थे। इस मौके पर सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए यज्ञ किया गया। वकीलों ने प्रतिज्ञा ली कि जब तक केंद्र सरकार लोकपाल बिल संसद में पास नहीं करती तब तक जिला बार एसोसिएशन के वकील हड़ताल पर रहेंगे।

भाकपा ने निकाला जुलूस 

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, अखिल भारतीय नौजवान सभा एवं अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ व प्रभावी जन लोकपाल पेश करने के लिए विशाल जुलूस निकाला। इसका नेतृत्व संगठन प्रमुख नेता दर्शन सिंह, बेचू गिरि, नारायण प्रसाद, तरसेम सिंह, आरएन सिंह, नौजवान नेता, दिनेश सिंह, अरुण सिंह, बिसंभर सिंह, मदन लाल खत्री व मिट्ठू लाल यादव ने किया। कार्यकर्ता व आम लोगों ने शामिल होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके अलावा भाजपा का भी पूरे दिन नीलम चौक पर अन्ना के समर्थन में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रहा।

आंदोलन के समर्थन में पदयात्रा

संजय कॉलोनी सेक्टर-23 मार्केट के लोगों ने सेक्टर-22, 23 में रवि सोनी एवं संजीव कुमार के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने मार्केट को बंद रखा। उन्होंने कहा अन्ना हजारे भ्रष्टाचार को खत्म करने के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। अगर सरकार भ्रष्ट नहीं है तो वह इस आवाज को इस अलोकतांत्रिक ढंग से क्यों कुचल रही है। सोनी ने कहा कि पूरा देश अन्ना हजारे के साथ है। पदयात्रा 22 फुट रोड से होती हुई सेक्टर-23, 22 व 33 फुट रोड, सोहना रोड से होते हुए 22 फुट रोड पर आकर समाप्त हुई।

जनता की चेतावनी

जवाहर कॉलोनी स्थित नैन चौक से सभी संगठनों के कार्यकर्ता व आम लोगों ने एकजुट होकर कैंडल मार्च निकाला। मार्च नैन चौक से प्याली चौक तक निकाला गया। इसके अलावा क्षत्रिय एकता मंच व अन्य 16 संस्थाओं ने हजारों की संख्या में एकजुट होकर नंगला चौक से कैंडल मार्च निकाला। भारतीय जन सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह कीना के नेतृत्व में भ्रष्टाचार विरोधी रैली निकाली गई। यह रैली सेक्टर-52 से चलकर संजय कॉलोनी, सेक्टर-22, 23, जवाहर कॉलोनी, बीके चौक, नीलम चौक, बाटा चौक से होते हुए हार्डवेयर चौक पर रैली का समापन किया गया।

भ्रष्टाचार से आजादी के लिए लड़ाई

ईस्ट इंडिया कॉलोनी सेक्टर-22 के लोगों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ और हजारे के समर्थन में शांति पूर्वक कैंडल मार्च निकाला। लोगों का मुख्य नारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध भारत की आजादी की दूसरी लड़ाई था। यहां पर कॉलोनी के प्रधान गोविंद सिंह और शिव एवं माता वैष्णो देवी मंदिर संस्थान के प्रधान प्रमोद गिल, केवी चौधरी, राजेंद्र पोदार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ इस जंग में विजयी होने के लिए प्रार्थना की।

कॉलोनी के किशन बारी ने कहा कि भ्रष्टाचार की लड़ाई में पूरा देश एकजुट है। अब भारत को भ्रष्टाचार से भी आजादी दिलानी होगी। एमपी नागर की अध्यक्षता में एंटी करप्शन फ्रंट की एक आपात बैठक में निर्णय लिया गया कि 19 अगस्त को अन्ना व जन लोकपाल के समर्थन में डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

source:-bhaskar.com

पता लगाओ एक बुजुर्ग ने कैसे गांव को बनाया 'आदर्श'


रेवाड़ी/हिसार. समाजसेवी अन्ना हजारे भ्रष्टाचार के खिलाफ आमजन की आवाज बन चुके हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गो तक, गांवों की चौपाल से लेकर शहर के जिला सचिवालय तक इस 74 साल के बुजुर्ग की ही चर्चा है।

दूसरे शब्दों में कहे तो शहर ही नहीं अब पूरा जिला अन्ना की क्रांति के साथ उठ खड़ा हुआ है। खबर की खास बात यह है यहां के लोगों का अन्ना से आजकल का नहीं 13 साल से पुराना रिश्ता है।

सन 1998 में यहां के जिला प्रशासन ने डीआरडीए स्कीम के तहत 20 गांवों की पंचायतों और ग्राम सचिवों को अन्ना के गांव रालेगांव सिद्धी भेजा। यह घूमने वाला टूर नहीं था बल्कि एक खास मकसद का पता लगाने के लिए भेजा गया था कि एक 61 साल के बुजुर्ग ने कैसे सबसे पिछड़े हुए अपने गांव को आदर्श बना दिया।

पहाड़ों के पानी को छोटे छोटे बांध बनाकर अपने क्षेत्र के जल स्तर को ऊपर ला दिया। सालों से चली आ रही 20 शराब की भट्ठियों को बंद करवा गांव को पूरी तरह से शराबमुक्त करा दिया। इतना ही नहीं शिक्षा और स्वच्छता में भी इस गांव ने देखते ही देखते महाराष्ट्र में अपनी अलग पहचान बना ली।

किसानों का अपना बैंक कैसे काम करता है। आज तक यह शानदार व्यवस्था पूरी तरह से कायम है। जब यह पंचायतें अन्ना के गांव में दो दिन बिताने के बाद अपने घरों को लौटी तो अंदाज बदला हुआ था। नांगलमूंदी से विजय सिंह ने सबसे पहले युवाओं की टीम बनाईं।

अन्ना को आदर्श मानकर गांव में सफाई अभियान शुरू कर दिया। सड़कों के किनारे और पंचायती जमीन पर सैकड़ों की संख्या में पौधे लगाए। नतीजा गांव का चेहरा बदलता चला गया। देखते ही देखते 25 साल के इस युवा को ग्रामीणों ने कम उम्र में सरपंच की जिम्मेदारी सौंप दी।

ऐसी अनेक मिसालें अब अन्ना से जुड़ी यादों के साथ ताजा होने लगी है। गांव कव्वाली, खलियावास, औलांत, कव्वाली में भी अन्ना का असर आज भी कायम है। यहां के ग्रामीणों के लिए अन्ना आज भी आदर्श है इसलिए अन्ना से जुड़ी यादों को उन्होंने आज भी फोटो के सहारे एलबम में संजोकर रखा हुआ है, जबकि 13 साल पहले इस बुजुर्ग की पहचान एक दायरे तक थी।

इन पंचायतों ने अन्ना के रास्ते पर चलना चाहा लेकिन अन्ना के तरह के जुनून को कायम नहीं रख पाए लिहाजा जिले के गांवों में वाटर शैड स्कीम समेत अनेक योजनाएं इसलिए कामयाब नहीं हो पाई क्योंकि अन्ना जिस तरीके से काम करवाना चाहते थे उसमें अधिकारियों से लेकर पंचायत के कुछ सदस्यों को सेवा शुल्क के नाम पर कुछ नहीं मिल सकता था।

अन्ना ने यहां की पंचायतों को साफ कह दिया था कि अगर सच में गांवों की तस्वीर को बदलना चाहते है तो हर माह ग्राम सभा करो। सभा में लेखा जोखा प्रस्तुत करों, कहां गलती हुई और बेहतर हुआ, खुलकर अपनी बात कहो।

स्वाभाविक है कि हर माह होने वाली सभा होने का मतलब विकास कार्यो में खर्च होने वाली राशि को ईमानदारी से खर्च करना था। इसलिए पंचायतों में ग्राम सभाओं को कागजों में ही पूरा कर दिया जाता है। इसी तरह पंचायती राज अधिनियम के तहत ग्राम पंचायतों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली लाखों रुपए की ग्रांट का अधिकांश हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता चला गया।

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासन के रिकार्ड में जिले की 100 से ज्यादा पंचायतों के खिलाफ गबन के मामले चल रहे हैं। ऐसे में जनलोकपाल के बहाने ही सही अन्ना का रालेगांव सिद्धी एक बार फिर अन्ना की आवाज बनकर पंचायतों की चौपालों पर गूंजने लगा है।
source:-bhaskar.com

Monday, 15 August 2011

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सीएम ने किया शहीदों को नमन

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 65वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर हुड्डा ने राष्ट्रीय पर्व की बेला पर सर्वप्रथम उन अमर शहीदों के चरणों में नमन किया, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।

अपने संदेश में उन्होंने कहा कि उन्हें यह कहते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि हरियाणा के वीरों ने स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़ कर भाग लिया और देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुतियां दी। उन्होंने कहा कि आज भी हरियाणा के वीर सैनिक देश की रक्षा सेवाओं में तैनात हैं, जोकि देशभक्ति और साहस की अटूट मिसाल है।

सरकार ने भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों के कल्याणार्थ अनेक योजनाएं क्रियान्वित की हैं। श्री हुड्डा ने कहा कि हरियाणा प्रदेश प्रगति के पथ पर अग्रसर है। लोकतंत्र के मजबूत स्तंभ पंचायती राज संस्थाओं को और अधिक सशक्त करने के लिए अनेक प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार दिए गये हैं। गरीबी उन्मूलन के उद्देश्य से हरियाणा राज्य आजीविका मिशन का गठन किया गया है।

सभी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बैंकों के माध्यम से वितरित की जा रही है। आज हरियाणा की पहचान शिक्षा हब के रूप में हो रही है। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि की उत्पादकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं यह गौरव की बात है कि वर्ष 2010-11 के लिए गेहूं के उत्पादन और उत्पादकता में शानदार प्रदर्शन के लिए राज्य को सर्वश्रेष्ठ कृषि कर्मन पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

सरकार ने किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है। भूमि अधिग्रहण नीति में संशोधन कर इसे और अधिक किसान हितैषी बनाया गया है। खेदड़, हिसार बिजली संयंत्र के लिए जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई थी, उन परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी गई है।

source:bhaskar.com

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